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सैनिक लाइफ इन सेकंड हाफ

जय हिंद दोस्तों,

मैं नवनाथ पवार माजी सैनिक एवं व्यवसायिक सैनिक लाइफ इन सेकंड हाफ के ब्लॉग-2 में आपका स्वागत करता हूं।

दोस्तों मैंने पहले भाग में आपसे सैनिक की जीवन के बारे में  बेसिक जानकारी पर चर्चा की थी, तथा हमने देखा था हम चाहे कितने भी काबिल हो हमे रिटायरमेंट के बाद अच्छी जॉब मिल पाना मुश्किल होता है। दोस्तों आज हम जानेंगे की हम सैनिकों मैं क्या-क्या सकारात्मक गुण है, तथा हमे क्या नया सीखना और करना होगा जिससे हम रिटायरमेंट के बाद कामयाब व्यवसायिक बना सकते है। अगर आप ने मेरा पहला ब्लॉग नही पढा है तो नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक कर के पढ सकते है।

दोस्तों, एक सैनिक 18 से 20 साल  उम्र मे सेना ज्वाइन करता है। तब से लेकर रिटायर होने तक उसे बहुत से कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिसके कारण सैनिक में सहनशक्ति, डिसिप्लिन, इमानदारी, मेहनत करने की क्षमता, विपरीत परिस्थितियों में भी हार न मानने की क्षमता, रिस्पेक्ट, जैसे  अतिरिक्त गुण होते है। किसी भी व्यवसाय को सक्सेस बनाने के लिए इन्हीं सब गुणों की जरूरत होती है।

सेवानिवृत्ति के बाद सैनिकों में सबसे महत्वपूर्ण  होती है उसकी उम्र जो लगभग 35 से 40 साल होती है।आने वाले समय मे तो अग्निवीर उम्र के 25 साल तक ही सेवानिवृत्त हो जायएनगे। यह उम्र किसी भी व्यवसाय करने के लिए सबसे अच्छी उम्र होती है।  दूसरा बहुत ही जरूरी मुद्दा होता है फंड का, किसी भी माजी सैनिक के पास कोई भी छोटा स्टार्टअप करने लायक पैसा रिटायरमेंट एंड सेविंग से आता है। इतनी सारी जरूरी चीजें होने के बाद भी हम व्यवसाय करने से घबराते है क्योंकि कुछ चीजें और भी है जो हमे सीखनी जरूरी होती है, या कुछ आदते है जो हमे रिटायरमेंट के बाद छोड़ने होते हैं। अगर हम रिटायरमेंट के बाद सेवा के दौरान की कुछ आदतें छोडेंगे नहीं या कुछ नई चीजें सीखेंगे नहीं तो हमे बाहर की दुनिया में गुजरबसर करना बहुत ही मुश्किल होगा। हम सेना से चाहे किसी भी पद से सेवानिवृत्त हुए हो हमे एक्सेप्ट करना होगा कि हम अब उस पद पर कार्यरत नहीं है, तथा हमे अपने से सीनियर तथा जूनियर और इतर सभी के साथ एक समांतर व्यवहार करना आना चाहिये। हमे अंतिम सांस तक यह याद रखना होगा कि हम सबसे पहले एक सैनिक है। हमारे किए गए किसी भी काम को लोग सेना के साथ जोड़कर देखते हैं। इसलिए किसी भी गलत काम से हमे बचना होगा। हमे नम्र, मितभाषी, ईमानदार, और कर्तव्य दक्ष रहना होगा। हमें अपनी बात सही शब्दों में रखना तो आना ही चाहिए, तथा सामने वाले की बात सुनने की क्षमता भी हम में हो। हमें याद रखना होगा कि, हमने सेवा के दौरान जो कुछ भी किया है वह सब बाहर हर किसी को हर बार बताने की जरूरत नहीं है।

दोस्तो, हमे समाज में हर किस्म के इंसान मिलेंगे, मीठी बात करके धोखा देने वालों की इस दुनिया में कमी नहीं है।उन्हें हमें पहचानना होगा, तथा उनसे उचित दूरी बनानी होगी। हमे लोगों से बातचीत करने का तरीका जरूरत के अनुसार विकशीत करना होगा। दोस्तों हमेशा याद रखना किसी को झूठ बोलकर किसी के साथ गलत करके हम कभी भी सक्सेस नहीं हो सकते। व्यवसाय के संबंध में किसी से व्यवहार करने से पहले उस व्यक्ति या कंपनी के पिछले रिकॉर्ड देखना बेहद जरूरी होता है। हमे लोगों को पहचानना सीखना होगा। और हमेशा याद रखें ऐसा कोई भी बिजनेस इस दुनिया में नहीं है जो तुम्हें रातों-रात अमीर बना सकता है। इसलिए ऐसे लोगों से बचणा होगा जो तुम्हें रातों रात अमीर बनने के सपने दिखाता हो या बिना मेहनत के तुम्हारा पैसा डबल करने का वादा करता हो। मेरे भाइयों इस दुनिया में चोरों की कमी नहीं है, तथा चोरों के पास चोरी करने के इतने तरीके हैं कि जो की हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा। आज के युग में जिस प्रकार नए-नए टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, अलग-अलग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म हमें अपने व्यवसाय को सक्सेस करने में मदद करते हैं, वैसे ही चोर इनका इस्तेमाल चोरी करने के लिए भी करते हैं, इसलिए सदा अलर्ट रहें।

दोस्तो, किसी भी व्यवसाय को करते वक्त हमेशा याद रखना उधारी तुम्हारे अच्छे से अच्छे बिजनेस को बर्बाद कर सकती है, तथा तुम्हारे अच्छे रिलेशन खराब कर सकते है। इसलिए कोशिश करें किसी को भी उधारी की आदत ना लगवाए। ग्राहक को मोलभाव करने की आदत ना लगवाए। जादा मोलभाव करणे वाला अगली बार जो और सस्ता देगा उसके पास चला जायएगा। इसलीये हमेशा अपनी वस्तु एवम सेवाओंकी कीमतें जायज एवं फिक्स रखो जो सभी के लीये समान हो।  अपने ग्राहकों को एवं उनकी जरूरतों को पहचाने।

दोस्तों याद रहे हमें बिजनेसमैन बनना है बिजीनेस मैन नही। एक इंसान दिन भर में कितना भी काम करेगा तब भी वह 24 घंटे से ऊपर काम नहीं कर सकता। इसलिए सब काम खुद ही ना करे। हमे काम करणे के साथ-साथ काम करवाना भी आना चाहिये। अपने व्यवसाय के लिए प्रशिक्षित कामगारों को जोड़ें। उनको सही ट्रेनिंग दे। प्रशिक्षित कामगार ही आप के बिजनेस को बड़ा करने में सहायता करेंगे। ऊनकी तनखा और बाकी सुविधाओंका ध्यान रखे। अपणे जमा खर्च का हीसाब किताब रखे। उसके लीये चार्टर्ड अकाऊंटेंट या वकील की सहाय्यता ले।  

दोस्तों बिजनेस शुरू करते वक्त बहुत ज्यादा पैसा लगाकर बड़े स्केल पर शुरु करणे की बजाय प्रथमताह कम बजट में छोटे स्केल में व्यवसाय शुरू करें। फिर ग्राहकों की जरूरत के अनुसार उसका विस्तार करते जाए। हमेशा कुछ फंड रिजर्व रखे जो इमरजेंसी में काम आए। आपको सेवा या वस्तु प्रदान करने वालों का पेमेंट टाइम पर दे। किसी का अपने ऊपर उधार ना रखें। कामगारों की पगार, अगर दुकान या कोई ऑफिस किराए पर है तो उसका किराया, लाइट बिल, इंटरनेट तथा गवर्नमेंट के टैक्सेस का भुगतान नियमित तथा समय पर करें। नियमित इनकम टैक्स भरे। जिसे जरूरत पड़ने पर आपको बैंक से लोन लेने में आसानी होगी। अपने व्यवसाय को जरूरत के अनुसार जीएसटी, ट्रेडमार्क,  उद्योग आधार, ISO मार्क रजिस्टर करवाएं। क्वालिटी हमेशा पर ध्यान दे। व्यवसाय को बडा होणे के लीये समय दे। किसी भी व्यवसाय को नियमित चलणे के लीये 2 से 3 साल का समय लग सकता है। इसलीये जल्दबाजी ना करे।  

दोस्तो! यह कुछ बेसिक चीजें हैं जो हमें सीखनी और करनी होगी जिससे हमार व्यवसाय सही चले। आज इस ब्लॉग मे इतना ही, अगले ब्लॉग मे हम व्यवसाय का चयन करणे की कला के बारेमे विस्तृत जाणकारी लेंगे । दोस्तो अगर यह ब्लॉग आप को उपयोगी लगता है तो कृपया आप इसे अपणे बाकी दोस्तो को भी भेजे। अगर आप को इसमे कोई भी शंका या शिकायत है तो कॉमेंट करे या मुझे मेल या मॅसेज द्वारा सूचित करे।

जय हिंद,

आपका दोस्त

नवनाथ पवार +919767552564 Navnath@climbwin.com    www.climbwin.com

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