सैनिक लाइफ इन सेकंड हाफ

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सैनिक के जीवन का सेकण्ड हाफ

जय हिंद दोस्तो..!

मै नवनाथ पवार माजी सैनिक यवं व्यावसायिक  आप का सैनिक के जीवन का सेकण्ड हाफ के इस प्रथम भाग मे हार्दिक स्वागत करता हुँ।

सेकण्ड हाफ यानी की सैनिकोंके जींवन का वह सफर जो रिटायरमेंट के बाद सुरु होता है। इस वक्त मे हमे क्या करना चाहिये? नोकरी या व्यवसाय? निमनलिखित ब्लॉग मे इस संदर्भ मे बेसिक जाणकारी देणे का प्रयास किया है। आगे चलकर इस सिरिज के और ब्लॉग्स आएंगे जिसमे हम बिझनेस के हर एक पहलू पर विस्तृत बात करेंगे।

एक सैनिक जो ओठोंपर मूछे आने से पहले सेना के किसी बटालियन को जॉईन करता हैं, और बाल सफेद होणे के बाद रिटायर होता है।  जॉयनिंग से लेकर रिटायरमेंट तक यानी की बीच के 15 – 20 सालो  मे देश और दुनिया मे काफी कुछ बदलाव आते है, सेना का जवान रिटायरमेंट के बाद इस बदलाव को सहजता से स्वीकार करणे मे असहज महसूस करता है।

 इस बीच परिवार की जिम्मेवारिया भी बढ जाती है, तथा आपने खरचोंको पूरा करने के लिए उसे किसी जॉब की तलाश रहती है। अच्छा जॉब मिले इसलिये वह अलग अलग कोर्सेस भी करता है। हर तरह से अपने आपको समय के साथ चलने के लिए काबिल बनने की कोशिश करता है, लेकिन समाज मे उसे सिक्युरिटी गार्ड से बढकर जॉब मिल पाना मुश्किल होता है।

जो जवान अपनी जिंदगी का गोल्डन टाईम देश सेवा में हिमालय की पहाडो एवम रेगिस्तान मे व्यतीत करता है वह रिटायरमेंट के बाद याने की अपने जिंदगी के सेकंड हाफ मे किसी बँक, सरकारी संस्थान, या प्रायव्हेट कंपनी के गेट पर दंडा लेकर खडा मिलता है। दोस्तों जरा सोचो, क्या इसी काम के लिए था अपना जीवन? क्या यही है अपनी काबिलियत? जो जवान सेना मे इतनी विपरीत परिस्तिती मे भी बडे बडे विदेशी एकुइपमेंट्स को सफाईसे चलता है, वह रेटायरमेन्ट के बाद क्या किसी भी काम का नही है?    

आज हमारा देश नही उंचाई को छू रहा है, सारी दुनिया की बडी बडी कंपनी या हमारे देश मे बिझनेस करना चाहती है। क्यो की हमारी ताकत है हमारी आबादी, हमारी परचेसिंग पावर है, हमे उसे पहचाने की जरूरत है। आज का युग टेक्नॉलॉजी का युग है। हमे अपने फायदे के लिए नए टेक्नोलॉजी का इस्तमाल करना आना चाहिए। हमें अपनी काबिलियत पहचानना आनी चाहिए। हमें आसपास की जरूरत पहचानने आनी चाहिए। तथा उसे अपने बिजनेस के लीये उपयोग मे लाना भी आना चाहिए।

अगर हम सैनिकों को रिटायरमेन्ट के बाद आर्थिक आजादी चाहिये।  अगर हमे खुशहाल जीवन जीना है। अपने बच्चों को हायर एज्युकेशन देना है। बिना किसी बॉस के खुद की मर्जी से अपने समय और ईछ्या के अनुसार काम करना है, तो हमारे पास एक ही ऑप्शन है। और वह है बिझनेस..!    

दोस्तों, जब भी हम व्यवसाय के बारे में सोचते हैं, तो हमारे सामने सबसे पहले खड़ा होता है फेल होने का डर। वह जायज भी है। क्योंकि बिना तैयारी के किया हुआ कोई भी कॉपी पेस्ट व्यवसाय ज्यादा दिन तक नहीं चल सकता। दुनिया में शुरू होने वाले 90% स्टार्टअप किसी ना किसी कारण बंद हो जाते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नही है की हम डरकर बैठ जाये। किसी भी बिझनेस को सुरू करनेसे पहले बहुत सारी तैयारी करणी होती है। हम इस चॅनेल के माध्यम से उन सारी तयारी ओ के बारे मे जानेंगे।

दोस्तो, उस से पहले मै आप को बतादू की मै 2019 मे कॉर्प्स ऑफ इंजिनियर से सेवानिवृत्त हुआ। मेरे सामने भी यही सब चुनौतियां थी। मैने पुणे मे अपना छोटासा स्पोर्ट्स शॉप खोला था। और साथ साथ में एक स्कूल मे खेल प्रशिक्षक के रूप मे जॉईन किया। मुझे नही पता था की मेरा बिझनेस चलेगा भी या नही। स्कूल का पॅकेज अच्छा था, स्कूल मॅनेजमेंट बहोत बढीया था। फिर भी मैने सात-आठ महिने मे स्कूल की जॉब को बाय-बाय किया। क्योकि अब मुझे अपणे बिझनेस पर भरोसा होणे लगा था। लेकिन जॉब छोडने के कूच दिन बाद करोना का संकट आया और फिर क्या हुवा यह हम सब जाणते है।

लेकिन दोस्तो मैने हार नही मानी। मैने इस कठीण समय मे यू ट्यूब, फेसबूक, जैसे अव्हेलेबल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सहारा लिया। अपणे प्रोडक्टस को अलग अलग ई-कॉमर्स वेबसाईड पर उपलोड किया। गव्हरमेन्ट ई मार्केटप्लेस, और बाकी सरकारी ई-टेंडर पोर्टल पर अपणे बिझनेस को रजिस्टर किया। और जो भी कूच हो सकता था वह करके लॉकडाउन के कठीण समय मे सालाणा 40 से 50 लाख का टर्न ओवर किया। और दोस्तो बिझनेस सुरू करने के तीन साल बाद मैने उस शॉप को प्रायवेट लिमिटेड कंपनी बनाया जो CLIMBWIN SPORTS PRIVATE LIMITED के नाम से पुणे से काम करती है। आज मुझे लगता है की मै कॉन्फिडंस के मेरे बाकी साथीयोन्को को व्यवसाय करणे के लीये बोल सकता हू।   

दोस्तों,किसी भी व्यवसाय को शुरू करने से पहले हमें उसका प्राथमिक ज्ञान होना बहुत जरूरी होता है। कोई भी बिजनेस करने के लिए पैसों के साथ-साथ और बाकी जाणकारी होणा भी बहुत जरुरी है,  जैसे की व्यवसाय कोणसा करे? जगह का सिलेक्शन कैसे करे? कामगार कहा से लाये? तयार उत्पादन कहा बेचे? यह और ऐसे अनगिनत सवाल और उसके जवाब हम इस ब्लॉग के सिरिज पर आने वाले समय मे खोजने का प्रयास करेंगे।

दोस्तो आज इतना ही। अगले ब्लॉग मे हम देखेंनगे की किसी भी बिझनेस को सुरू करणे से पहले हमे क्या-क्या तयारी करनी चाहिये तथा किस जगह पर कोणसा बिझनेस करे। 

जय हिंद..!

नवनाथ पवार

9767552564

Navnath@climbwin